सोनिया

प्रेषक : हैरी बवेजा

हेलो दोस्तो,

हैरी का नमस्कार।

मै हैरी पंजाब से हुँ आप सब तो जानते ही होंगे।

मेरी पिछली कहानी

मनोरमा और शिवाली

काफी पसंद की गई, उसकी तारीफ़ में मुझे बहुत सारे मेल मिले, बहुत बहुत शुक्रिया !

उन में से एक मेल मिला जो लुधियाना से था, उसमें लिखा था- मैं सोनिया, उम्र 28 साल, मुझे आपका रेफरेंस जसप्रीत ने दिया है, आपसे कुछ काम है।

मैंने लिखा- ठीक है, कहिये?उसने लिखा- ऐसे नहीं ! आप मुझे अपना नंबर दीजिये !

मैंने अपना नंबर उसे दिया। उसने मुझे रात को करीब 11 बजे फ़ोन किया, कहने लगी- मुझे आपकी हेल्प चाहिए। मेरे पति सेल्स मैनेजर हैं, अक्सर घर से बाहर रहते हैं, महीने में 3-4 दिन ही घर में होते हैं। मुझे आपकी जरुरत है, क्या आप मेरी मदद कर सकते हैं?

मैंने कहा- ठीक है, कहाँ मिलना है, किसी होटल में या कहीं और?

सोनिया ने कहा- होटल ठीक नहीं रहेगा, आप मेरे घर पर आ जाते तो अच्छा होता।

मैंने कहा- और घर के लोगों को क्या बोलोगी आप?

सोनिया में कहा- उसकी फिक्र आप छोड़ दो, मेरे घर में मैं और मेरी बेटी जो अभी सिर्फ चार साल की है, और कोई नहीं है।

मैंने कहा- ठीक है, कब आना है?

उसने कहा- कल शाम को आ जाओ।

मैं शाम को करीब सात बजे उसके बताये पते पर पहुँच गया और वहाँ जाकर मैंने सोनिया को फ़ोन किया। सोनिया ने कहा- बस दो मिनट रुको, मैं आपके सामने मॉल में हुँ, अभी आती हुँ।

फ़ोन में बात करते करते ही वो मॉल के बाहर आ गई तो मैं समझ गया कि यही सोनिया है। मैंने हाथ से इशारा किया, वो मेरे पास आई और हाथ मिलाया, फिर हम दोनों उसके घर गये !

घर में कोई नहीं था, मैंने पूछा- आपकी बेटी कहाँ है?

वो कहने लगी- मैंने आज उसे मम्मी के पास छोड़ दिया।

वो बोली- आप क्या लोगे ठंडा या गर्म?

मैंने कहा- नहीं, कुछ नहीं ! शुक्रिया !

वो मेरे लिए ठंडा ले आई, साथ बैठ कर बात करने लगी। सोनिया ने पूछा- आप जसप्रीत को कैसे जानते हो?

मैंने कहा- दोस्त है मेरी !

फिर मैंने सोनिया से पूछा- तुम कैसे जानती हो जसप्रीत को?

तो वो बोलने लगी- मेरी भी सहेली है, बहुत बातें होती हैं नेट पर हमारी ! एक दिन बात करते करते मैंने अपनी परेशानी जसप्रीत को बताई तो वो बोली कि एक तरीका है मेरे पास और उसने आपका ईमेल दे दिया।

मैंने सोनिया से पूछा- क्या इससे पहले भी आपने कॉल बॉय को कभी बुलाया है?

तो उसने कहा- नहीं यार ! वैसे मैं अपने पति से संतुष्ट हूँ पर क्या करूँ, वो अक्सर बाहर ही रहते हैं तो आपको बुलाना पड़ा। अगर वो घर में रहते तो मुझे आपकी जरूरत ही नहीं पड़ती।

मैंने कहा- ओके ओके !

सोनिया कहने लगी- वैसे एक दो लड़के हैं जो मुझ पे फ़िदा हैं पर ये सब मोहल्ले में करना अच्छा नहीं है, आजकल के लड़कों का क्या, किसी-किसी को बता सकते हैं। इसलिए मैंने आपको सही समझ कर बुलाया।

सोनिया सांवले रंग की थी पर नैन-नक्श बहुत अच्छे थे, उसकी छाती 36 की होगी, कमर 32 की और चूतड़ 36 के ! मस्त औरत थी ! बातें करते करते सोनिया कभी कभी मेरी जांघ पर हाथ फेर देती।

फिर मैंने कहा- सोनिया, अन्दर चलते हैं।

सोनिया ने कहा- अभी नहीं, रुको, मैंने खाने का आर्डर दिया है, ना जाने कब जा जाये वो, फिर मूड ख़राब हो जाएगा।

मैं और सोनिया टीवी देखने लगे, स्टार मूवी पर एक इंग्लिश मूवी आ रही थी, उसने चुम्बन का दृश्य था, वो देख पर सोनिया अपने जज्बात खोने लगी, मुझे किस करने लगी।

अचानक दरवाजे की घण्टी बजी, खाना लेकर आया एक बंदा था, वो खाना दे कर चला गया।

फिर सोनिया ने कहा- हैरी आओ, पहले डिनर कर लेते हैं।

मुझे भी जोर की भूख लगी थी, सोनिया ने खाना लगाया और खाने लगे।

थोड़ी देर बाद सोनिया कहा- हैरी चलो, बेडरूम में चलते हैं।

सोनिया अलमारी से अपनी नाईट सूट निकाल कर पहनने लगी। सोनिया ने अपना कमीज और सलवार उतार दिया, उफ़ क्या मस्त चूचियाँ थी। सोनिया पर काली रंग की ब्रा क़यामत लग रही थी। मैं सोनिया के पास गया और उसके ब्रा के ऊपर से ही सोनिया के वक्ष दबाने लगा। सोनिया ने ब्रा भी खोल दी, कच्छी में आ गई और कहा- तुम भी अपने कपड़े उतार दो, पूरे नंगे हो जाओ।

मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए, सिर्फ कच्छा रह गया था। मैं धीरे धीरे सोनिया के स्तन चूसने लगा, सोनिया हाय उफ़ करने लगी। धीरे धीरे मैंने सोनिया की कच्छी में हाथ डाला तो उसकी चूत गीली हो गई थी। मै सोनिया को चूम कर रहा था, कभी उसके गोल गोल चूचे चूस रहा था जिससे वो पूरे जोश में आ गई थी, सोनिया ने कहा- हैरी, मुझे तुम्हारा वो चूसना है।

मैंने अपना लंड सोनिया के होठों पर रख दिया। क्या नर्म-नर्म होंठ थे सोनिया के ! मैं बता नहीं सकता आप को !

मैंने उससे कहा- सोनिया, क्या तुम अपने पति का चूसती हो?

सोनिया ने कहा- हाँ, आपको नहीं मालूम, मैं बहुत अच्छा लंड चूसती हुँ, मेरे पति बोलते हैं कि तुम बहुत अच्छा चूसती हो।

सोनिया मेरे लंड को जोर जोर से चूस रही थी जैसे कोई आइसक्रीम चूसता है। वाकई में सोनिया बहुत अच्छा लंड चूस रही थी, मुझे लगा कि मैं उसके मुँह में ही गिर जाऊँगा।

मैंने कहा- बस करो सोनिया !

मैंने धीरे से उसकी पैंटी को नीचे सरका दिया और उसकी चूत में उंगली डालने लगा।

सोनिया पूरे जोश में आ रही थी, मैंने उसकी चूत पर अपना मुँह रखा और जोर से चूत चाटने लगा। गीली चूत चाटने का मजा की कुछ और था, नमकीन सा स्वाद था।सोनिया भी पूरे जोर से चूत मेरे मुँह पर दबा रही थी, वो मजे से आहें भर रही थी। मैं उसकी चूत चाट रहा था वो आई ईई आह ई उई कर रही थी। उसनेमेरे सर को जोर से दबा रखा था अपनी चूत पर !

फिर वो बोली- बस करो, अब मुझे चोदो।

मैंने उसकी चूत पर अपना लंड रखा और उसकी टांगों को अपने कंधे पर रखा और लंड घुसा दिया उसकी चूत में ! उसने थोड़ा सा उई किया और पूरा लंड चूत में समां गया। मैं होले होले धक्के लगा रहा था, सोनिया नीचे से अपनी कमर हिलाने लगी, उसको मजा आने लगा।

सोनिया ने कहा- तुम नीचे आओ, मैं ऊपर आती हूँ।

सोनिया मेरे ऊपर आ गई और लंड को अपनी चूत में घुसा कर जोर जोर से चुदने लगी। उसे मजा आ रहा था और जोर जोर से चुद रही थी, मैं भी नीचे से अपने लंड की रफ़्तार को तेज रखे हुए था। सोनिया ऐसे करते करते झर गई और मेरे ऊपर गिर गई। मैंने कहा- बस?

सोनिया ने कहा- मुझे पहली बार में खुद ही चुद कर पानी गिराने में मजा आता है। दूसरे दौर में और भी तरीकों से करेंगे।

मैंने कहा- ठीक है।

मैं सोनिया के कबूतर लगातार दबा रहा था और उसे चूम रहा था। मैंने सोनिया की चूत पर फिर से जीभ लगा दी, उसकी चूत से निकला पानी अभी भी उसकी जांघों में लग कर नीचे बह रहा था। मैंने उसे अपनी जीभ से साफ़ किया और फिर से उसकी चूत चाटने लगा।सोनिया अब जोश में आ गई थी, मैं उसकी चूत के दाने को बार बार काट लेता जिससे वो उईईईईईए करने लगती। अब वो जोश में आ गई थी और आईईई उई ईए उफ्फ कर रही थी। जैसे जैसे मैं उसकी चूत को चाटता, वो मस्ती भरी सिसकारी लेने लगती और मेरा सर पकड़ कर अपनी चूत में सटा लेती। सोनिया अब फ़िर कहने लगी- हैरी, मुझे लंड चूसना है।

हम 69 की दशा में हो गए, वो मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी और मैं उसकी चूत को ! जैसे मैं उसकी चूत में जीभ करता, वो मेरे लंड को जोर से काट लेती। ऐसे लगता कि जैसे खा जाएगी।

थोड़ी देर बाद सोनिया ने कहा- बस करो, अब चोदो मुझे !

मैंने भी देरी न करते हुए सोनिया से पूछा- कैसे चुदवाओगी अब? वो गांड मेरी तरफ करके बेड पर हो गई कुतिया की तरह, मैं समझ गया, मैंने पीछे से अपना लंड उसकी चूत में पेल दिया और धक्के लगाने लगा। वो उई ईए आई ईई हई ईई करने लगी और अपनी चूत मेरे लंड पर जोर जोर से मारने लगी। सोनिया ने कहा- हैरी, तुम थोड़ा रुक जाओ, मैं खुद चुदती हूँ। सोनिया जोर जोर से मेरे लंड पर अपनी कमर चलाने लगी।फिर सोनिया ने कहा- चलो मेज के पास चलते हैं।

सोनिया ने अपनी एक टांग मेज पर रख दी और एक नीचे, मैं उसके पीछे खड़ा होकर उसकी चूत में लंड डाल दिया और चोदने लगा। सोनिया बहुत अच्छे से चुदवा रही थी और मजे ले रही थी। मैं पीछे से कभी कभी उसकीमोटी मोटी चूचियाँ भी मसल देता जिससे वो और भी मजे से चुद रही थी। फिर सोनिया मेज पर ही लेट गई और कहने लगी- तुम नीचे खड़े होकर चोदो।

मैं भी नीचे खड़ा होकर उसे चोदने लगा, वो मजे से आई ईए उई हाय करती जा रही थी पर झरने का नाम नहीं ले रही थी।

फिर वो वापस मुझे बेडरूम में ले गई और कहा- बस हैरी, आओ मेरे ऊपर चढ़ जाओ और चोदो, अब मैं झरना चाहती हूँ।

मैंने फिर से उसकी टाँगे ऊपर कर दी और जोर जोर से उसे पेलने लगा। उसकी चूत से फच फच की आवाज आ रही थी और वो नीचे से कमर हिलाए जा रही थी जोर जोर से !

अब लग रहा था कि मैं भी झर जाऊँगा ।मैंने भी अपने धक्के तेज कर दिए और नीचे से सोनिया ने मुझे जोर से जकड़ लिया अपनी बाहों में और वो झरने लगी। मैं भी अंतिम कगार पर था, आखिरी 8-10 धक्के मारे और झर गया !

लेट गए और थोड़ी देर बाद हम दोनों बाथरूम में फ्रेश होकर आ गये और सो गए। रात को नींद खुली तो देखा, सोनिया मेरे लंड से खेल रही थी, मेरा लंड तन कर खड़ा हो गया था, सोनिया ने ढेर सारा तेल मेरे लंड पर लगाया और अपनी गांड पर भी और मेरे लंड पर बैठ गई और अपनी गांड मरवाने लगी कूद कूद कर ! उछल- उछल कर वो अपनी गांड मेरे लंड पर दे मार रही थी मेरी भी आह निकली जा रही थी उसके धक्कों से !

ऐसे उसने करीब दस मिनट किया और थक कर लेट गई, कहने लगी- अब तुम मारो मेरी गांड !

मैंने नीचे एक तकिया रखा जिससे उसकी गांड ऊपर उठ गई, बिल्कुल लाल दिख रही थी उसकी गांड !

मैंने अपना लंड उसकी गांड में घुसा दिया और पेलने लगा जोर जोर से और उसकी चूत के दाने को भी मसलने लगा जिससे वो झर सके। बीस मिनट बाद वो झर गई और मैं भी साथ ही झर गया।

मैंने सोनिया से कहा- सोनिया, तुम गांड भी मरवाती हो? ये कैसे?

सोनिया ने कहा- मेरे पति बहुत अच्छे से मुझे चोदते हैं और मैं भी उन्हें पूरा पत्नी-सुख देती हूँ, वो जो कहते हैं, मैं तैयार हो जाती हूँ, हम लोग खुल कर चुदाई करते हैं और इसमें क्या शर्म ! औरत का एक एक अंग कामुक होता है, फिर क्या हुआ अगर गांड मारने का दिल पति को करे और पत्नी दे दे तो। मैं अपने पति से गांड भी मरवाती हूँ और अच्छे से चुदवाती हूँ, क्या पता कल हो न हो।

मुझे सोनिया की बातें अच्छी लगी, वो मॉडर्न जमाने की सोच वाली औरत है। फिर हम सो गए, सुबह मुझे जल्दी जाना था, मैं जल्दी उठा और सोनिया से कहा- मैं जा रहा हूँ।

सोनिया ने मुझे पकड़ लिया और कहा- आओ, एक बार और हो जाए।

मैंने कहा- नहीं।

पर उसने कहा- कोई बात नहीं जल्दी जल्दी कर लेते हैं।

मैंने सोनिया की जल्दी जल्दी चूत मारी और फ्रेश होकर जाने लगा तो उसने मेरी फीस मुझे दी, बाय करके मुझे विदा किया !

मुझे मेल जरूर करियेगा।

[email protected]

प्रकाशित: गुरुवार 1 नवंबर 2012 8:20 am

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